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संगीत का जादू

संगीत का जादू फैला फिज़ाओं में, बांसुरी की मीठी तान, मन जीत लेती, लहरों पर चलती नाव, माझी की मीठी तान पर थिरकती, मां की लोरी की मिठास,                                               शिशु को सपनों की दुनिया में ले जाती, ये सारा जग , संगीत से बना, भरता जीवन में विविध रंग।

बचपन की स्मृतियां

जीवन की मधुर स्मृतियों में , बचपन की स्मृतियां खास जगह रखती हैं, उन स्मृतियों को दोहराकर , मन खिल - खिल जाता है, चेहरे पर खिल जाती है, इक मीठी मुस्कान ।

बचपन का रेल का सफ़र

बचपन का रेल का सफ़र, आज भी है याद, खिड़की के पास बैठने को झगड़ना, घंटों बाहर स्टेशन के नज़ारे देखना, हरे - भरे खेतों का मनमोहक नज़ारा, खंभों की ओझल होती कतारें, हाथ - मुंह हो जाते थे काले, फिर भी खिड़की वाली जगह, लगती थी सबसे प्यारी ।

शक्तिदायिनी

शक्तिदायिनी ओ मां दुर्गे ! भर दो हममें ऐसी शक्ति, इस कलियुग में संघर्ष कर सकें, जी सकें सर उठाकर अपना, कर सकें दीन - दुखियों की सेवा, दुष्टों का विरोध करें, नाम तुम्हारा होठों पर हो, जब भवसागर पार करें।

मां दुर्गे !

मां दुर्गे! आओ पधारो मां, संसार के कष्ट, संकट मिटाओ मां, शक्ति एवं भक्ति का वरदान दो मां, रहें सब मिलजुल, वैर भाव भूल, दया तुम्हारी सब पर रहे मां, दिन दुखियों के कष्ट मिटा, उन्हें सबल बनाओ मां ।

सूर्य

अंधकार, भय , संशय , दूर भगाने वाले हे सूर्य ! तुम्हें है कोटि - कोटि नमन , तुमसे प्रारंभ होता इक नया विहान, सबमें भर देते तुम नए प्राण ।

बन जाएं सूरज

कंधे से कंधा मिलाकर चलें गरीबी, भूख और निराशा के, अंधेरे मिटाने के लिए, बन जाएं सूरज, खुशियों का उजाला बांटकर, गर रखें हिम्मत तो क्या नहीं हो सकता, ये आसमां तो नहीं कि ज़मीं से मिल नहीं सकता।