बन जाएं सूरज

कंधे से कंधा मिलाकर चलें
गरीबी, भूख और निराशा के,
अंधेरे मिटाने के लिए,
बन जाएं सूरज,
खुशियों का उजाला बांटकर,
गर रखें हिम्मत तो क्या नहीं हो सकता,
ये आसमां तो नहीं कि ज़मीं से मिल नहीं सकता।

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